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Monday, 31 December 2018

आज बड़ी देर तक वो मुझे देखता रहा..!!


आज बड़ी देर तक वो मुझे देखता रहा,

ना जाने क्यों लगा कि वो मुझे छोड़ जाऐगा..!!

वो बेवफा नहीं था युहीं बदनाम हो गया..!!

वो बेवफा नहीं था युहीं बदनाम हो गया,

हजारों चाहने वाले थे किस किस से वफा करता..!!

Monday, 9 October 2017

मिलते हैं पर मिलके बात नहीं करते..!!

मिलते हैं पर मिलके बात नहीं करते
करते हैं तो दिल से बात नहीं करते,

खुद से ही बतियाता रहता है अक्सर
उसके अपने उससे बात नहीं करते,

तूने कितनी बातें की थीं अपनों से
क्यूँ कहता है अपने बात नहीं करते,

पहले वक़्त नहीं था बच्चों की ख़ातिर
वक़्त मिला तो बच्चे बात नहीं करते,

पैसे-पैसे-पैसे करने वाले सुन !
इंसानो से पैसे बात नहीं करते..!!

सीने में फ़ौलाद रहा..!!

सीने में फ़ौलाद रहा
आख़िर तक बरबाद रहा,

मुझको वीराना करके
तू भी कब आबाद रहा,

मैं भी दुनियादार हुआ
उसको मैं कब याद रहा,

आँसू , आंहें, यादें, बस
इनसे दिल आबाद रहा,

तू था, तुमसे मैं भी था
मैं कब तेरे बाद रहा..!!

Wednesday, 21 June 2017

मोहब्बत आजमानी हो तो बस इतना ही काफी है..!!

मोहब्बत आजमानी हो तो बस इतना ही काफी है,

जरा सा रुठकर देखो मनाने कौन आता है..!!

ना जाने क्यूँ गले से लिपट कर रोने लगा..!!

ना जाने क्यूँ गले से लिपट कर रोने लगा जब हम बरसों बाद मिले,

जाते हुये जिस ने कहा था.. कि तुम जैसे लाखों मिलेंगे..!!

Sunday, 2 April 2017

भरोसा मत करो साँसों की डोरी टूट जाती है..!!

भरोसा मत करो साँसों की डोरी टूट जाती है
छतें महफ़ूज़ रहती हैं हवेली टूट जाती है,

मुहब्बत भी अजब शय है वो जब परदेस में रोये
तो फ़ौरन हाथ की एक - आध चूड़ी टूट जाती है,

कहीं कोई कलाई एक चूड़ी को तरसती है
कहीं कंगन के झटके से कलाई टूट जाती है,

लड़कपन में किये वादे की क़ीमत कुछ नहीं होती
अँगूठी हाथ में रहती है मँगनी टूट जाती है,

किसी दिन प्यास के बारे में उससे पूछिये जिसकी
कुएँ में बाल्टी रहती है रस्सी टूट जाती है,

कभी एक गर्म आँसू काट देता है चटानों को
कभी एक मोम के टुकड़े से छैनी टूट जाती है..!!

नामाबर अपना हवाओं को बनाने वाले..!!

नामाबर अपना हवाओं को बनाने वाले
अब न आएँगे पलट कर कभी जाने वाले,

क्या मिलेगा तुझे बिखरे हुए ख़्वाबों के सिवा
रेत पर चाँद की तसवीर बनाने वाले,

मैक़दे बन्द हुए ढूँढ रहा हूँ तुझको
तू कहाँ है मुझे आँखों से पिलाने वाले,

काश ले जाते कभी माँग के आँखें मेरी
ये मुसव्विर तेरी तसवीर बनाने वाले,

तू इस अन्दाज़ में कुछ और हसीं लगता है
मुझसे मुँह फेर के ग़ज़लें मेरी गाने वाले,

सबने पहना था बड़े शौक़ से काग़ज़ का लिबास
जिस क़दर लोग थे बारिश में नहाने वाले,

छत बना देते हैं अब रेत की दीवारों पर
कितने ग़ाफ़िल हैं नये शहर बसाने वाले,

अद्ल की तुम न हमें आस दिलाओ कि यहाँ
क़त्ल हो जाते है ज़‍जीर हिलाने वाले,

किसको होगी यहाँ तौफ़ीक़-ए-अना मेरे बाद
कुछ तो सोचें मुझे सूली पे चढ़ाने वाले,

मर गये हम तो ये क़त्बे पे लिखा जाएगा
सो गये आप ज़माने को जगाने वाले,

दर-ओ-दीवार पे हसरत-सी बरसती है क़तील
जाने किस देस गये प्यार निभाने वाले..!!


सूरज ढला तो कद से ऊँचे हो गए साये..!!

सूरज ढला तो कद से ऊँचे हो गए साये,

कभी पैरों से रौंदी थी, यहीं परछाइयां हमने..!!

बस ज़ायके में थोड़ा कड़वा है..!!


बस ज़ायके में थोड़ा कड़वा है

वरना सच का कोई ज़वाब नहीं..!!

Friday, 10 March 2017

इज़हार-ए-इश्क करो उस से..!!


इज़हार-ए-इश्क करो उस से, जो हक़दार हो इसका,

बड़ी नायाब शय है ये, इसे ज़ाया नहीं करते..!!

हमको टालने का शायद तुमको..!!


हमको टालने का शायद तुमको सलीका आ गया,

बात तो करते हो लेकिन अब तुम अपने नहीं लगते..!!

Saturday, 25 February 2017

वक्त के पंजे से बचकर कोई कहाँ गया है..!!

वक्त के पंजे से बचकर कोई कहाँ गया है,

मिटटी से पूछिये सिकंदर कहाँ गया है..!!

नामाबर अपना हवाओं को बनाने वाले.!!

नामाबर अपना हवाओं को बनाने वाले
अब न आएँगे पलट कर कभी जाने वाले,

क्या मिलेगा तुझे बिखरे हुए ख़्वाबों के सिवा
रेत पर चाँद की तसवीर बनाने वाले..!!

बरसों से कायम है इश्क अपने उसूलो पर..!!

बरसों से कायम है इश्क अपने उसूलो पर,

ये कल भी तकलीफ देता था और ये आज भी तकलीफ देता है..!!

यहाँ सब खामोश है..!!

यहाँ सब खामोश है कोई भी आवाज़ नहीं करता,

सच बोलकर कोई किसी को नाराज़ नहीं करता..!!

Tuesday, 21 February 2017

उनकी मोहब्बत के अभी निशान बाकी हैं..!!

उनकी मोहब्बत के अभी निशान बाकी हैं,
नाम लब पर हैं मगर जान अभी बाकी हैं,

क्या हुआ अगर देख कर मूंह फेर लेते हैं वो..
तसल्ली हैं कि अभी तक शक्ल कि पहचान बाकी हैं..!!

तेरी चुप्पी ग़र…!!

तेरी चुप्पी ग़र…तेरी कोई
मज़बूरी है….
तो रहने दे…

इश्क़ कौन सा ज़रूरी है..!!