सूरज ढला तो कद से ऊँचे हो गए साये,
कभी पैरों से रौंदी थी, यहीं परछाइयां हमने..!!
"वक्त बड़ा आजीब होता है इसके साथ चलो तो किस्मत बदल देता है, न चलो तो किस्मत को ही बदल देता है..!!
नामाबर अपना हवाओं को बनाने वाले
अब न आएँगे पलट कर कभी जाने वाले,
क्या मिलेगा तुझे बिखरे हुए ख़्वाबों के सिवा
रेत पर चाँद की तसवीर बनाने वाले..!!