"वक्त बड़ा आजीब होता है इसके साथ चलो तो किस्मत बदल देता है, न चलो तो किस्मत को ही बदल देता है..!!
Wednesday, 29 April 2020
उसूलों पे जहाँ आँच आये टकराना ज़रूरी है..!!
उसूलों पे जहाँ आँच आये टकराना ज़रूरी है
जो ज़िन्दा हों तो फिर ज़िन्दा नज़र आना ज़रूरी है
नई उम्रों की ख़ुदमुख़्तारियों को कौन समझाये
कहाँ से बच के चलना है कहाँ जाना ज़रूरी है
थके हारे परिन्दे जब बसेरे के लिये लौटें
सलीक़ामन्द शाख़ों का लचक जाना ज़रूरी है
बहुत बेबाक आँखों में त'अल्लुक़ टिक नहीं पाता
मुहब्बत में कशिश रखने को शर्माना ज़रूरी है
सलीक़ा ही नहीं शायद उसे महसूस करने का
जो कहता है ख़ुदा है तो नज़र आना ज़रूरी है
मेरे होंठों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो
कि इस के बाद भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है||
Monday, 27 April 2020
जिद में आकर उनसे ताल्लुक तोड़..!!
जिद में आकर उनसे ताल्लुक तोड़ लिया हमने,
अब सुकून उनको नहीं और बेकरार हम भी हैं।
किसी को तलाशते तलाशते खुद को खो देना,
आंसा है क्या आशिक हो जाना..!!
जो बीत गई सो बात गई..!!
जो बीत गई सो बात गई
जीवन में एक सितारा था
माना वह बेहद प्यारा था
वह डूब गया तो डूब गया
अम्बर के आनन को देखो
कितने इसके तारे टूटे
कितने इसके प्यारे छूटे
जो छूट गए फिर कहाँ मिले
पर बोलो टूटे तारों पर
कब अम्बर शोक मनाता है
जो बीत गई सो बात गई
जीवन में वह था एक कुसुम
थे उसपर नित्य निछावर तुम
वह सूख गया तो सूख गया
मधुवन की छाती को देखो
सूखी कितनी इसकी कलियाँ
मुर्झाई कितनी वल्लरियाँ
जो मुर्झाई फिर कहाँ खिली
पर बोलो सूखे फूलों पर
कब मधुवन शोर मचाता है
जो बीत गई सो बात गई
जीवन में मधु का प्याला था
तुमने तन मन दे डाला था
वह टूट गया तो टूट गया
मदिरालय का आँगन देखो
कितने प्याले हिल जाते हैं
गिर मिट्टी में मिल जाते हैं
जो गिरते हैं कब उठतें हैं
पर बोलो टूटे प्यालों पर
कब मदिरालय पछताता है
जो बीत गई सो बात गई
मृदु मिटटी के हैं बने हुए
मधु घट फूटा ही करते हैं
लघु जीवन लेकर आए हैं
प्याले टूटा ही करते हैं
फिर भी मदिरालय के अन्दर
मधु के घट हैं मधु प्याले हैं
जो मादकता के मारे हैं
वे मधु लूटा ही करते हैं
वह कच्चा पीने वाला है
जिसकी ममता घट प्यालों पर
जो सच्चे मधु से जला हुआ
कब रोता है चिल्लाता है
जो बीत गई सो बात गई..!!
Monday, 31 December 2018
Monday, 9 October 2017
मिलते हैं पर मिलके बात नहीं करते..!!
मिलते हैं पर मिलके बात नहीं करते
करते हैं तो दिल से बात नहीं करते,
खुद से ही बतियाता रहता है अक्सर
उसके अपने उससे बात नहीं करते,
तूने कितनी बातें की थीं अपनों से
क्यूँ कहता है अपने बात नहीं करते,
पहले वक़्त नहीं था बच्चों की ख़ातिर
वक़्त मिला तो बच्चे बात नहीं करते,
पैसे-पैसे-पैसे करने वाले सुन !
इंसानो से पैसे बात नहीं करते..!!
सीने में फ़ौलाद रहा..!!
सीने में फ़ौलाद रहा
आख़िर तक बरबाद रहा,
मुझको वीराना करके
तू भी कब आबाद रहा,
मैं भी दुनियादार हुआ
उसको मैं कब याद रहा,
आँसू , आंहें, यादें, बस
इनसे दिल आबाद रहा,
तू था, तुमसे मैं भी था
मैं कब तेरे बाद रहा..!!
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